Thursday, December 30, 2010

नव वर्ष की शुभःकामनाएं

आ गई है, शुभ घड़ी, उत्कर्ष की
आपको शुभ कामना नव वर्ष की

द्वेष मिट जाए हृदय में प्यार हो
उत्साह उमंगों से भरा संसार हो
लोभ,लालच की मिटे हर कामना
अंतःकरण में हो समर्पण भावना
बांट दो सौगात   सबको हर्ष की
आपको शुभ कामना नव वर्ष की

स्वप्न पूरे हों, सभी  की आस के
कुछ नए अनुबंन्ध हों विश्वास के
मन हो नव निर्माण नव संघर्ष में
ना रहे धन की कमी, नव वर्ष में
दूर हों, चिन्ताएं खाली  पर्स  की
आपको शुभ कामना, नव वर्ष की

उपजे भलाई की  सभी मे भावना
साकार हों  समृद्धि की, सम्भावना
दूर हो  जग से  घटा संन्ताप की
हो मधुर अमृत सी वाणी आप की
संवेदना  उर  से  बहे  आदर्श की
आपको शुभ कामना, नव  वर्ष की

घट सुधा से हों छला-छल प्यास के
मंजिलों पर हों कदम, अभ्यास के
अंह, निष्ठुरता,  कुटिलता, दूर  हो
स्नेह सरसता के कलश, भरपूर हों
बात जीवन मे हो अब निष्कर्ष की
आपको  शुभ कामना, नव वर्ष की
                    सुभाष मलिक

2 comments:

  1. शुभ कल्पना नववर्ष की. आभार...

    2011 का आगामी नूतन वर्ष आपके लिये शुभ और मंगलमय हो,
    हार्दिक शुभकामनाओं सहित...

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  2. शुभ कल्पना नववर्ष की । अच्छी रचना..

    2011 का आगामी नूतन वर्ष आपके लिये शुभ और मंगलमय हो,
    हार्दिक शुभकामनाओं सहित...

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